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बड चैरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® में पेट की à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ कारगर
- पीजीआई डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ ने बीमारी के इलाज का सही तरीका निकाला- बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤šà¤µà¥€ और आईवीसी वेन में आ जाती है रà¥à¤•ावट à¤à¤¨à¤¬à¥€à¤Ÿà¥€, लखनऊ : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में दरà¥à¤¦ ...
- पीजीआई डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ ने बीमारी के इलाज का सही तरीका निकाला
- बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤šà¤µà¥€ और आईवीसी वेन में आ जाती है रà¥à¤•ावट
à¤à¤¨à¤¬à¥€à¤Ÿà¥€, लखनऊ : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में दरà¥à¤¦ है। पेट में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ (à¤à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) की दिकà¥à¤•त है। पीलिया है या लिवर बढ़ा हà¥à¤† है तो सतरà¥à¤• हो जाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥€ दिकà¥à¤•तें होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त पीडियॉटà¥à¤°à¤¿à¤• गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ इंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से जांच कराà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को बड चैरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® हो सकता है। पेट की इस बीमारी (बड चैरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®) के सही इलाज का तरीका पीजीआई के पीडियॉटà¥à¤°à¤¿à¤• गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ इंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ ने खोज निकाला है। पीजीआई के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि इस बीमारी के इलाज के लिठलिवर की à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ ही सही तरीका है। पूरे देश में पीडियॉटà¥à¤°à¤¿à¤• गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ इंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ का सही इलाज केवल पीजीआई में ही होता है।
कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर हà¥à¤† शोध
इस शोध में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पीजीआई के पीडियॉटà¥à¤°à¤¿à¤• गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ विà¤à¤¾à¤— के डॉ. à¤à¤¸à¤•े याचा, डॉ. अंशू शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ, डॉ. मोनिक सेन शरà¥à¤®à¤¾ शामिल रहे। पीजीआई के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने पेट की इस बीमारी से परेशान 2 से 16 वरà¥à¤· उमà¥à¤° तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर शोध किया है। यह शोध यूरोपियन जरà¥à¤¨à¤² ऑफ गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ इंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤œà¥€ à¤à¤‚ड हिपेटोलॉजी ने पà¥à¤°à¤•ाशित किया है। डॉ. मोनिक ने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित 29 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में लिवर की à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ (इंटरवेंशन रेडियॉलजी) की गई। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हिपेटिक वेन की à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ की गई। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हिपेटिक वेन में रà¥à¤•ावट थी, जिसे दूर करने के लिठसà¥à¤Ÿà¤‚ट डाला गया। इस दौरान देखा गया कि दोनों तकनीक सफल और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं। डॉकटरों ने बताया कि जितने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह बीमारी थी, उनमें से 33 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ (95 फीसदी) के हिपेटिक वेन में रà¥à¤•ावट थी। 11 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के हिपेटिक और इंफीरियर वेना कावा दोनों वेन में रà¥à¤•ावट थी।
कà¥à¤¯à¤¾ है बड चैरी सिडà¥à¤°à¥‹à¤®
यह पेट की बीमारी है। इसमें लिवर से निकलने वाली रकà¥à¤¤ वाहिका हिपेटिक वेन (à¤à¤šà¤µà¥€) लिवर से खून ले जाकर इंफीरियर वेना कोवा (आईवीसी) में पहà¥à¤‚चाती है। इस वेन में रà¥à¤•ावट के कारण रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बंद हो जाता है। इस वेन के अलावा इंफीरियर वेना कोवा वेन में à¤à¥€ रà¥à¤•ावट के कारण दिल तक खून नहीं पहà¥à¤‚च पाता है। इससे लिवर में जहरीले ततà¥à¤µ à¤à¤•तà¥à¤° हो जाते हैं। जिससे लिवर और किडनी की बीमारियां होने लगती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ है लकà¥à¤·à¤£
बड चैरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में दरà¥à¤¦, पेट में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ (à¤à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸), पीलिया, लिवर बà¥à¤¨à¤¾ (हिपेटोमीगेली), सà¥à¤ªà¤²à¥€à¤¨ बà¥à¤¨à¥‡ (सà¥à¤ªà¥€à¤²à¥€à¤¨à¥‹à¤®à¤¿à¤—ेली) की परेशानी होती है। इस बीमारी का पता डॉपà¥à¤²à¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ जांच से लगता है। इस परीकà¥à¤·à¤£ की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पीजीआई के रेडियॉलजी विà¤à¤¾à¤— में है। इसके अलावा à¤à¤‚टी फासà¥à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤ªà¤¿à¤¡ à¤à¤‚डीबाडी का सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¨à¥‡ का कारण à¤à¥€ वेन में रà¥à¤•ावट होती है।
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